
बिचन्द्र रायमाझी” मुस्कान ”
इस्मा २ गुल्मी हाल तानसेन पाल्पा
शिक्षक बनु सम्मान छैन,
राष्ट्रसेवक बनु भोक छैन प्यास छैन,
किसान बनु उचित प्रोत्साहन छैन,
व्यापारी बनु व्यापार छैन,
नेता बनु फुर्सद छैन,
भलाद्मी बनु भलाई छैन,
डाक्टर बनु जस छैन,
पत्रकार बनु सुरक्षित छैन,
कवि बनु जिउने आधार छैन,
क्याम्पस पढुँ रोजगार छैन,
विदेश जाउँ मन शान्ति छैन,
स्वदेशमै बसुँ भविष्य छैन।





